सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा..


मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥

अगर मेरे वश में,
होता कन्हैया,
तो पार लगाता मैं,
खुद अपनी नैया,
यहाँ वहाँ रखूं,
जहाँ जहाँ रखूं,
पाँव फिसलता जाये,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥

अगर आना है तो,
आजा कन्हैया,
पार लगा जा,
बन के खिवैया,
धीरे धीरे करके,
थोड़ा थोड़ा करके,
वक्त गुजरता जाये रे,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥

नहीं आना हो तो,
खबर भेजे देंना,
हालत उठाकर,
नज़र देख लेना,
कही ऐसा ना हो,
तेरे भरोसे,
बनवारी रह जाये रे,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥

मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये रे,
॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥

मेरा हाथ पकड़ ले रे,
कान्हा दिल मेरा घबराये,
काले काले बादल,
गम के बादल,
सिर पे मेरे मंडराये

BhajanShri Krishna BhajanBhrij BhajanBaal Krishna Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: शीश गंग अर्धंग पार्वती

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

भजन: मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है।

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है। तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।

भजन: जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे।

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे। तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे।

भजन: गुरु बिन घोर अँधेरा संतो!

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो, गुरु बिन घोर अँधेरा जी। बिना दीपक मंदरियो सुनो...

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन!

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार। पवनसुत विनती बारम्बार॥ अष्ट सिद्धि, नव निद्दी के दाता...

भजन: सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये!

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।...

कृपा मिलेगी श्री राम जी की..

किरपा मिलेगी श्री राम जी की, भक्ति करो, भक्ति करो, दया मिलिगी हनुमान जी की, राम जपो, राम जपो...

भजन: आ लौट के आजा हनुमान...

आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं। जानकी के बसे तुममे प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार!

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार। हाथों में फूलों का दौना भी सोहे, सुंदर गले में सोहे हार, कुमार मैने देखे...

close this ads
^
top