Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राष्ट्रगान - जन गण मन (National Anthem - Jana Gana Mana)


जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता,
पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग,
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग,
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जय गाथा ॥
जन गण मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता,
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे ॥

National Anthem - Jana Gana Mana in English

National Anthem - Jana Gana Mana
यह भी जानें
राष्ट्र-गान के बारे में कुछ तथ्य

रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित, 'जन-गण-मन' हमारे देश भारत का राष्ट्र-गान है।

राष्ट्र गान जन-गण-मन को किसने लिखा?
रवीन्द्रनाथ टैगोर।

राष्ट्र गान को सर्वप्रथम कब गाया गया था?
27 दिसम्बर 1911 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में।


राष्ट्र गान को राष्ट्रगान के रूप में कब अपनाया गया?
24 जनवरी, 1950 को।

राष्ट्र गान गाने में लगभग कितना समय लगता है?
52 सेकण्ड।

Bhajan Vedic BhajanVed BhajanSchool BhajanCollage BhajanMatrabhomi BhajanDesh Bhakti BhajanPatriotic BhajanAryan Janata Inter College BhajanIndependence Day BhajanRepublic Day Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे विनय विनायक विनती करा: भजन

हे विनय विनायक विनती करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी, निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो, निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो, मन मंदिर में सत्कार करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन: भजन

जय जय गणपति गौरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु, तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता, हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु, जय जय गणपति गौंरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

मेरे घर गणपति जी है आए: भजन

मेरे घर गणपति जी है आए, मेरे घर गणपति जी है आये, मैं अपने दुःख को, मैं अपने दुःख को हूँ बिसराये, वो खुशियां अपने साथ है लाए,
मेरे घर गणपति जी है आए ॥

गणपति गजवदन वीनायक: भजन

गणपति गजवदन वीनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी ॥

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन: भजन

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन, खेलतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे, स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP