Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे (Namaste Sada Vatsale Matruṛbhume)


नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम् ।
महामंगले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ॥१॥
प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्रांगभूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बद्धा कटीयम्
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये ।

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिम्
सुशीलं जगद् येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत् कण्टकाकीर्णमार्गम्
स्वयं स्वीकृतं नः सुगंकारयेत् ॥२॥ BB

समुत्कर्ष निःश्रेयसस्यैकमुग्रम्
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्राऽनिशम् ।

विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम् ॥३॥
॥ भारत माता की जय ॥

Namaste Sada Vatsale Matruṛbhume in English

Namaste Sadaa Vatsale Matru Bhoome, Twayaa Hindu Bhoome Sukham Vardhitoham...
यह भी जानें

Bhajan RSS BhajanRSS Prayer BhajanSangh Prarthana BhajanRashtriya Swayamsevak Sangh BhajanDesh Bhakti BhajanMatrabhoomi BhajanBharat BhajanPatriotic Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में: भजन

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में, मोरे अंगना में तोरी मढिया में, छाईं खुशियां अपरम्पार, भवानी तोरी मढिया में, आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥

नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी: भजन

सदा ज्योत जगाऊँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए, नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए ॥

खेल पंडा खेल पंडा रे - भजन

खेल पंडा खेल पंडा, खेल पंडा रे, घड़ी आ गई सुहानी, खेल पंडा रे

सिंघ सवारी महिमा भारी: भजन

सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा ॥

तुम शरणाई आया ठाकुर - शब्द कीर्तन

तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥

जगत में कोई ना परमानेंट - भजन

जगत में कोई ना परमानेंट, तेल चमेली चन्दन साबुन

भगवान बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स। नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स।...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP