Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सांवलिया सेठ के श्री चरणों में,अर्जी लगाने आया हूं: श्री कृष्ण भजन (Sanwariya Seth Ke Shri Charnon Main Arji Lagane Aaya Hun)


सांवलिया सेठ के श्री चरणों में,अर्जी लगाने आया हूं: श्री कृष्ण भजन
सांवलिया सेठ के श्री चरणों में,
अर्जी लगाने आया हूं,
झुकती है सारी दुनिया जहां पर,
मैं भी सर झुकाने आया हूं,
अर्जी लगाने आया हूं ll
सबको पता है खाटू सा दरबार नही दूजा,
इसीलिये कलयुग में घर-घर होती है पूजा,
इस दुनिया में बाबा सा दात्तार नही दूजा,
मनके भावों को दिल के घावों को,
मर्हम लगवाने आया हूं,
अर्जी लगाने आया हू ll

इनका वचन है इनका भगत परेशान नही होगा,
दौलत सोहरत सब होगी अभिमान नही होगा,
इनकी कृपा से बढ़ कर कोई वरदान नही होगा,
किस्मत की रेखा कर्मों का लेखा,
मैं भी बदलवाने आया हूं,
अर्जी लगाने आया हू ll
BhaktiBharat Lyrics

खाटू की ग्यारस जैसा त्योंहार नही देखा,
भग्तों का यहां आना कभी बेकार नही देखा,
अम्बरीष कहै इस दर पे कभी इनकार नही देखा,
किरपा ये तेरी किस्मत में मेरी,
मैं भी लिखवाने आया हूँ,
अर्जी लगाने आया हू ll

Sanwariya Seth Ke Shri Charnon Main Arji Lagane Aaya Hun in English

Sanwariya Seth Ke Shri Charnon Main, Arji Lagane Aaya Hun, Jhukti Hai Sari Duniya Jahan Par, Mein Bhi Sar Jhukane Aaya Hun, Arji Lagane Aaya Hun ll
यह भी जानें

Bhajan Shri Vishnu BhajanShri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shayam Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे: भजन

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लागी लगन मत तोडना, प्यारे लागी लगन मत तोडना...

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।..

एक हरि को छोड़ किसी की चलती नहीं है मनमानी - भजन

एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी......

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP