Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गणेश अंग पूजा मंत्र (Ganesha Anga Puja Mantra)


सनातन पूजा पद्धति में अंग पूजा किसी भी देव पूजा अनुष्ठान का अभिन्न अंग है। श्री गणेश पूजा के दौरान, भक्त भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों का प्रयोग अंग पूजा के लिए करते हैं। इसके अंतर्गत अंग पूजा में भगवान श्री गणेश के शरीर के प्रत्येक महत्वपूर्ण अंग की पूजा पवित्र मंत्र जाप के साथ करने का विधान है।
गणेशोत्सव के दौरान आने वाली गणेश चतुर्थी को भक्त भगवान श्री गणेश की विभिन्न पूजाओं के साथ साथ श्री गणेश अंग पूजा भी करते हैं।

भगवान श्री गणेश अंग पूजा मंत्र
❀ ॐ गणेश्वराय नमः - पादौ पूजयामि ।
❀ ॐ विघ्नराजाय नमः - जानुनि पूजयामि ।
❀ ॐ आखुवाहनाय नमः - ऊरूः पूजयामि ।
❀ ॐ हेरम्बाय नमः - कटि पूजयामि ।
❀ ॐ कामरी सूनवे नमः - नाभिं पूजयामि ।
❀ ॐ लम्बोदराय नमः - उदरं पूजयामि ।
❀ ॐ गौरीसुताय नमः - स्तनौ पूजयामि ।
❀ ॐ गणनाथाय नमः - हृदयं पूजयामि ।
❀ ॐ स्थूल कण्ठाय नमः - कण्ठं पूजयामि ।
❀ ॐ पाश हस्ताय नमः - स्कन्धौ पूजयामि ।
❀ ॐ गजवक्त्राय नमः - हस्तान् पूजयामि ।
❀ ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः - वक्त्रं पूजयामि ।
❀ ॐ विघ्नराजाय नमः - ललाटं पूजयामि ।
❀ ॐ सर्वेश्वराय नमः - शिरः पूजयामि ।
❀ ॐ गणाधिपताय नमः - सर्वाङ्गाणि पूजयामि ।

Ganesha Anga Puja Mantra in English

❀ Om Ganeshwaraya Namah, Paadou Poojayaami - Legs ❀ Om Vighnarajaya Namah, Jaanuni Poojayaami - Knee
यह भी जानें

Mantra Shri Ganesh MantraShri Vinayak MantraGanpati MantraGanpati Bappa MantraGaneshotsav MantraGajanan MantraGanesh Chaturthi Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

महामृत्युंजय मंत्र

मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।

लिङ्गाष्टकम्

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्।

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

दामोदर अष्टकम

नमामीश्वरं सच्-चिद्-आनन्द-रूपं, लसत्-कुण्डलं गोकुले भ्राजमनम्य, शोदा-भियोलूखलाद् धावमानं

श्री हरि स्तोत्रम्

जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं, नभोनीलकायं दुरावारमायं...

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP