Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री राम स्तुति: नमामि भक्त वत्सलं (Namami Bhakt Vatsalan)


श्री राम स्तुति: नमामि भक्त वत्सलं
श्री अत्रि मुनि द्वारा रचित श्रीराम-स्तुति रामायण के अरण्यकाण्ड से संबंधित है।
नमामि भक्त वत्सलं ।
कृपालु शील कोमलं ॥
भजामि ते पदांबुजं ।
अकामिनां स्वधामदं ॥

निकाम श्याम सुंदरं ।
भवाम्बुनाथ मंदरं ॥
प्रफुल्ल कंज लोचनं ।
मदादि दोष मोचनं ॥

प्रलंब बाहु विक्रमं ।
प्रभोऽप्रमेय वैभवं ॥
निषंग चाप सायकं ।
धरं त्रिलोक नायकं ॥

दिनेश वंश मंडनं ।
महेश चाप खंडनं ॥
मुनींद्र संत रंजनं ।
सुरारि वृन्द भंजनं ॥

मनोज वैरि वंदितं ।
अजादि देव सेवितं ॥
विशुद्ध बोध विग्रहं ।
समस्त दूषणापहं ॥

नमामि इंदिरा पतिं ।
सुखाकरं सतां गतिं ॥
भजे सशक्ति सानुजं ।
शची पति प्रियानुजं ॥

त्वदंघ्रि मूल ये नराः ।
भजंति हीन मत्सराः ॥
पतंति नो भवार्णवे ।
वितर्क वीचि संकुले ॥

विविक्त वासिनः सदा ।
भजंति मुक्तये मुदा ॥
निरस्य इंद्रियादिकं ।
प्रयांति ते गतिं स्वकं ॥

तमेकमद्भुतं प्रभुं ।
निरीहमीश्वरं विभुं ॥
जगद्गुरुं च शाश्वतं ।
तुरीयमेव केवलं ॥

भजामि भाव वल्लभं ।
कुयोगिनां सुदुर्लभं ॥
स्वभक्त कल्प पादपं ।
समं सुसेव्यमन्वहं ॥

अनूप रूप भूपतिं ।
नतोऽहमुर्विजा पतिं ॥
प्रसीद मे नमामि ते ।
पदाब्ज भक्ति देहि मे ॥

पठंति ये स्तवं इदं ।
नरादरेण ते पदं ॥
व्रजंति नात्र संशयं ।
त्वदीय भक्ति संयुताः ॥

Namami Bhakt Vatsalan in English

Namami Bhakt Vatsalan । Krpalu Sheel Komlan ॥ Bhajami Te Padambujan ।
यह भी जानें
श्री राम स्तुति: नमामि भक्त वत्सलं | Namami Bhakt Vatsalan

Bhajan Shri Ram BhajanRam Navami BhajanRamayan BhajanSita Navami Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

मेरी विनती यही है! राधा रानी: भजन

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना, कृपा बरसाए रखना...

जम्भेश्वर आरती: ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे

ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे, स्वामी शब्द सोऽहं ध्यावे । धूप दीप ले आरती निज हरि गुण गावे । मंदिर मुकुट त्रिशुल ध्वजा, धर्मों की फ हरावे ।...

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश - भजन

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश, भाग म्हारो जागियो ॥ मरूधर देश समराथल भूमि, गुरूजी दियो उपदेश ।...

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे - भजन

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे, महारानी लागे...

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी - भजन

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी, राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी, आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी...

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया - भजन

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया, जब लगा मैं गिरा, थामा तूने लिया, फिर दोबारा ना गिरने दिया ॥

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ के अब तेरा साथ नहीं छूटे - भजन

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ, के अब तेरा साथ नहीं छूटे, मेरा तुम पे रहे विश्वास, के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Bhakti Bharat APP