गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बालाजी म्हारे आंगणिये पधारो: भजन (Balaji Mhare Aanganiye Padharo)


बालाजी म्हारे आंगणिये पधारो: भजन
बालाजी म्हारे आंगणिये पधारो,
थारे भक्ता ने दरश दिखाओ,
म्हारा सालासर धणी ॥
बालाजी थारे लाल लंगोटा सोहे,
थारे हाथ में घोटो सोहे,
म्हारा सालासर धणी ॥

चैत्र सुदी पूनम को मेलो भारी,
आवे है भगत अपार,
म्हारा सालासर धणी ॥

बालाजी थारी घर घर जोत जगावा,
थारी महिमा गाए सुनवा,
म्हारा सालासर धणी ॥

बालाजी थने घृत सिंदूर चढ़ावा,
कोई मंगल शनिवार,
म्हारा सालासर धणी ॥

‘अलबेला’ थारी महिमा गा सुनावे,
‘इलू’ चरणा में शीश झुकावे,
म्हारा सालासर धणी ॥

बालाजी म्हारे आंगणिये पधारो,
थारे भक्ता ने दरश दिखाओ,
म्हारा सालासर धणी ॥

Balaji Mhare Aanganiye Padharo in English

Balaji Mhare Aanganiyo Padharo, Thare Bhakta Ne Darash Dikhao, Mhara Salasar Dhani ॥
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jyanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundar Kand Path Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

घर में पधारो गजानन जी - भजन

घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो, ग्रह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन...

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं - भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं..

रामायण मनका 108 - नामवली

भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे । दूर करो प्रभु दु:ख हमारे ॥ दशरथ के घर जन्मे राम ...

गोपी गीत - जयति तेऽधिकं जन्मना

जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा शश्वदत्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावका स्त्वयि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ॥

गणेश भजन

श्री गणेश मंदिर, विनायक मंदिर, गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी, शुभ मुहूर्त, शुभ कार्य एवं ग्रह प्रवेश मे गाए जाने वाले प्रसिद्ध श्री गणेश भजन..

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे, स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP