Shri Krishna Bhajan

मेहंदीपुर सालासर, धाम दोनों अमर: भजन (Mehandipur Salasar Dham Dono Amar)


मेहंदीपुर सालासर, धाम दोनों अमर: भजन
मेहंदीपुर सालासर,
धाम दोनों अमर,
नित चमत्कार देखो,
यहाँ हो रहा,
रूप हनुमान के,
देख लो ध्यान से,
जिसने दर्शन किए,
वो सुखी हो गया ॥
यहाँ भैरव पलकार,
प्रेत राज सरकार,
तीनो देवो की गूंजे,
यहाँ जय जयकार,
जो भी अर्जी करे,
विघ्न संकट मिटे,
बिना मांगे ही सब कुछ,
उसे मिल गया,
बिना मांगे ही सब कुछ,
उसे मिल गया ॥

काम बन जाते है,
लोग गुण गाते है,
कोई सवामणि लेकर,
यहाँ आते है,
तीनो देवो को भोग,
जब चढ़ाते है लोग,
राम किरपा से वो,
मालामाल हो गया,
राम किरपा से वो,
मालामाल हो गया ॥

इस पहाड़ी पे है,
अंजनी माँ का द्वार,
मिले पंचमुखी हनुमत,
माँ काली का प्यार,
ये गणेशपूरी दास,
पूरी करे सबकी आस,
जो भी भोग लगाए,
सब काम बन गया,
जो भी भोग लगाए,
सब काम बन गया ॥

मेहंदीपुर सालासर,
धाम दोनों अमर,
नित चमत्कार देखो,
यहाँ हो रहा,
रूप हनुमान के,
देख लो ध्यान से,
जिसने दर्शन किए,
वो सुखी हो गया ॥

Mehandipur Salasar Dham Dono Amar in English

Mehandipur Salasar, Dham Donon Amar, Nit Chamatkar Dekho, Yahan Ho Raha, Roop Hanuman Ke, Dekh Lo Dhyaan Se, Jisane Darshan Kiye, Vo Sukhi Ho Gaya ॥
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jyanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundar Kand Path Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार - भजन

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥

ओम अनेक बार बोल: भजन

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।...

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले...

भवसागर तारण कारण हे - प्रार्थना

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर भीत मने..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.., रोवे अकेली मीरा..आ.., आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. - विधि देशवाल

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे..

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं। तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे, आंखों से आंसू छलक रहे हैं..

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP