Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राम दरबार है जग सारा: भजन (Ram Darbar Hai Jag Sara)


राम दरबार है जग सारा: भजन
राम दरबार है जग सारा,
राम ही तीनो लोक के राजा,
सबके प्रतिपाला सबके आधारा,
राम दरबार हैं जग सारा ॥
राम का भेद ना पाया वेद,
निगमहूँ नेति नेति उच्चारा,
राम दरबार हैं जग सारा।
रमापति राम उमापति शम्भू,
एक दूजे का नाम उर धारा,
राम दरबार हैं जग सारा ॥

तीन लोक में राम का,
सज़ा हुआ दरबार,
जो जहाँ सुमिरे वहीं दरस,
दें उसे राम उदार।
जय जय राम सियाराम,
जय जय राम सियाराम ॥

राम में सर्व राम में सब माही,
रूप विराट राम सम नाहीं,
जितने भी ब्रह्मांड रचे हैं,
सब विराट प्रभु माहि बसें हैं ॥

रूप विराट धरे तो,
चौदह भुवन में नाहीं आते हैं,
सिमटेई तो हनुमान ह्रदय में,
सीता सहित समाते हैं ॥

पतित उधारन दीन बंधु,
पतितो को पार लगातें हैं,
बेर बेर शबरी के हाथों,
बेर प्रेम से खाते हैं ॥

जोग जतन कर जोगी जिनको,
जनम जनम नहीं पाते हैं,
भक्ति के बस में होकर के वे,
बालक भी बन जाते हैं ॥

योगी के चिंतन में राम,
मानव के मंथन में राम,
तन में राम मन में राम,
सृष्टि के कण कण में राम ॥

आती जाती श्वास में राम,
अनुभव में आभास में राम,
नहीं तर्क के पास में राम,
बसतें में विश्वास में राम ॥

राम तो हैं आनंद के सागर,
भर लो जिसकी जितनी गागर,
कीजो क्षमा दोष त्रुटि स्वामी,
राम नमामि नमामि नमामि ॥

अनंता अनंत अभेदा अभेद,
आगम्य गम्य पार को पारा,
राम दरबार है जग सारा,
राम दरबार हैं जग सारा ॥

Ram Darbar Hai Jag Sara in English

Ram Darbar Hai Jag Sara, Ram Hi Teeno Lok Ke Raja, Sabke Pratipala Saake Aadhaara, Ram Darbar Hain Jag Sara ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanBhagwan Ram Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

मेरी विनती यही है! राधा रानी: भजन

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना, कृपा बरसाए रखना...

जम्भेश्वर आरती: ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे

ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे, स्वामी शब्द सोऽहं ध्यावे । धूप दीप ले आरती निज हरि गुण गावे । मंदिर मुकुट त्रिशुल ध्वजा, धर्मों की फ हरावे ।...

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश - भजन

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश, भाग म्हारो जागियो ॥ मरूधर देश समराथल भूमि, गुरूजी दियो उपदेश ।...

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे - भजन

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे, महारानी लागे...

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी - भजन

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी, राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी, आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी...

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया - भजन

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया, जब लगा मैं गिरा, थामा तूने लिया, फिर दोबारा ना गिरने दिया ॥

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ के अब तेरा साथ नहीं छूटे - भजन

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ, के अब तेरा साथ नहीं छूटे, मेरा तुम पे रहे विश्वास, के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

Shiv Bhajan - Shiv Bhajan
Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Bhakti Bharat APP