Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

तू ना जा मेरे रघुराई: भजन (Tu Na Ja Mere Raghurai)


तू ना जा मेरे रघुराई: भजन
राजा दशरथ ने,
व्याकुल हो के,
यह आवाज़ लगाई,
तू ना जा मेरे रघुराई,
तू ना जा मेरे रघुराईं,
लो वन को चले हैं रघुराई,
राजा दशरथ ने ॥
केकई ने कैसा वर मांगा,
टूटे हैं सपने सारे,
राजतिलक था होने वाला,
होनी को कौन है टालें,
श्राप श्रवण के माता-पिता का
आज बना है दुखदाई,
लो वन को चले हैं रघुराई,
राजा दशरथ ने ॥

राम बिना मेरी सूनी अयोध्या,
कैसे अब मैं जियूँगा,
लक्ष्मण बिन मेरा दिल लगेगा,
कैसे जुदाई सहूंगा,
साथ सीता भी,
वन को चली है,
अखियां भर भर आई,
लो वन को चले हैं रघुराई,
राजा दशरथ ने ॥

राजा दशरथ ने,
व्याकुल हो के,
यह आवाज़ लगाई,
तू ना जा मेरे रघुराई,
तू ना जा मेरे रघुराईं,
लो वन को चले हैं रघुराई,
राजा दशरथ ने ॥

Tu Na Ja Mere Raghurai in English

Raja Dashrath Ne, Vyakul Ho Ke, Yah Awaz Lagai, Tu Na Ja Mere Raghurai, Tu Na Ja Mere Raghurain, Lo Van Ko Chale Hain Raghurai, Raja Dashrath Ne ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanRam Mandir Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन - भजन

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार...

गोपी गीत - जयति तेऽधिकं जन्मना

जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा शश्वदत्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावका स्त्वयि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ॥

डाल रही वरमाला अब तो जानकी: भजन

डाल रही वरमाला अब तो जानकी, जय बोलो जय बोलो सीताराम की, फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही, कृपा हो गई आज श्री भगवान की, डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी, जय बोलो जय बोलो सीताराम की।।

मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल: भजन

मेरे लखन दुलारे बोल कछु बोल, मत भैया को रुला रे बोल कछु बोल, भैया भैया कह के, भैया भैया कह के, रस प्राणों में घोल,
मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल ॥

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

शिव भजन

शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन मे शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के प्रसिद्ध भजन..

वीर हनुमाना अति बलवाना - भजन

वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP