Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्रीगणपति रक्षाकवचम् : मंत्र (Shriganpati Rakshakavacham)


श्रीगणपति रक्षाकवचम् : मंत्र
पार्वतेयं महाकायं ऋद्धिसिद्धि वरदायकम्
गणपतिं निधिपतिं सर्वजन लोकनायकम्
रुद्रप्रियं यज्ञकायं नमामि हे दीर्घकायकम्
हे गजानन गिरिजानन्दन रक्ष मां देव रक्ष माम् ॥ १ ॥
एकदन्तं कृपानन्तं सर्वांगसुन्दरदर्शनम्
वक्रतुंडं दिव्यऋण्डम् अपूर्वमंगलस्पर्शनम्
लंबोदरं पीतांबरं नमामि हे रोमहर्षणम्
हे गजानन गिरिजानन्दन रक्ष मां देव रक्ष माम् ॥ २ ॥

प्रेममूर्तिं कामपूर्तिं चराचर हृदस्पन्दनम्
मंत्रमुग्धं पापदग्धम् अग्रपूज्य देववन्दनम्
प्रथमेशं श्रीगणेशं नमामि हे गौरीनन्दनम्
हे गजानन गिरिजानन्दन रक्ष मां देव रक्ष माम् ॥ ३ ॥

दिव्यतेजं कविराजं योगीजन आत्मकारकम्
शिवानन्दं पराद्वन्दं भावप्रद प्रेमधारकम्
विघ्ननाशं दीर्घश्वासं नमामि हे गर्वमारकम्
हे गजानन गिरिजानन्दन रक्ष मां देव रक्ष माम् ॥ ४ ॥

प्रथमं मयूरेश्वरं द्वितीयं सिद्धिविनायकम्
ततश्च भल्लालेश्वरम् अस्ति वरदाविनायकम्
पंचमं चिंतामणिदेवं षष्ठं च गिरिजात्मजम्
विघ्नेश्वरं महागणपतिं नमामि अष्टदेवम्
हे गजानन गिरिजानन्दन रक्ष मां देव रक्ष माम् ॥ ५ ॥

तरूणी लभते वरं च प्रीत्यार्थी लभते प्रेमम्
विद्यार्थी लभते विद्यां च मोक्ष्यार्थी लभते धामम्
अर्थार्थी लभते अर्थं च कामार्थी लभते कामम्
हे गजानन गिरिजानन्दन कृष्णदासः भजति त्वाम् ॥ ६ ॥

॥ इति श्रीकृष्णदासः विरचित श्रीगणपति रक्षाकवचम् सम्पूर्णम् ॥

Shriganpati Rakshakavacham in English

Parvateyan Mahaakaayan Riddhisiddhi Varadayakam, Ganpatin Nidhipatin Sarvajan Lokanayakam, Rudrapriyan Yagyakayan Namaami He Dirghakayakam, Hey Gajanan Girijanandan Raksh Maan Dev Raksh Mam ॥ 1 ॥
यह भी जानें

Mantra Shriganpati Rakshakavacham MantraShri Ganesh MantraShri Vinayak MantraGanpati MantraGanpati Bappa MantraGaneshotsav MantraGajanan MantraGanesh Chaturthi Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विष्णु स्तुति - शान्ताकारं भुजंगशयनं

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।

श्री गंगा स्तोत्रम्

देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे। शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले॥

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

Surya Kavach

Surya Kavach

श्री बुध देव जी के मंत्र

प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम । सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम ।।

राहु मंत्र

ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम: ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

Om Jai Jagdish Hare Aarti - Om Jai Jagdish Hare Aarti
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP