विवाह पंचमी | आज का भजन!

राम का सुमिरन किया करो! (Ram Ka Sumiran Kiya Karo Prabhu Ke Sahare Jiya Kro)


राम का सुमिरन किया करो,
प्रभु के सहारे जिया करो

जो दुनिया का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो

राम का सुमिरन किया करो,
प्रभु के सहारे जिया करो
जो दुनिया का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो

सुर दुर्लभ मानव तन तूने,
बड़े भाग्य से पाया है

विषयों में फंसकर के बन्दे,
हीरा जनम गवाया है

दुष्ट संग ना किया करो,
सज्जनों से गुण लिया करो

जो दुनिया का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो

राम का सुमिरन किया करो,
प्रभु के सहारे जिया करो
जो दुनिया का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो

राम का सुमिरन किया करो,
प्रभु के सहारे जिया करो

जो दुनिया का मालिक है,
नाम उसी का लिया करो

Read Also
» सीता नवमी | राम नवमी | हनुमान जयंती
» आरती: ॐ जय जगदीश हरे | आरती कीजै श्री रघुवर जी की | आरती कीजै रामचन्द्र जी
» श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन! | मेरे राम मेरे घर आएंगे

BhajanShri Vishnu BhajanShri Ram BhajanShri Krishna BhajanAcharya Mridul Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा...

राम का सुमिरन किया करो!

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो...

राम सिया राम, सिया राम जय जय राम!

मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सिया-राम सिया राम...

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं। मेरे नयनो के तारे है। सारे जग के रखवाले है...

रामजी की निकली सवारी!

सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला, हाथ धनुष गले में पुष्प माला...

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई!

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई, ये जीवन दो दिन का...

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: द्वार पे गुरुदेव के हम आगए

द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए । ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥ देखलो हमको भला दर्शन हुआ । प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ...

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये!

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये। हूँ अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिये ॥

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना, गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

top