Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

प्रार्थना: हे जग त्राता विश्व विधाता! (He Jag Trata Vishwa Vidhata)


प्रार्थना: हे जग त्राता विश्व विधाता!
* त्राता: का अर्थ, वह जो त्राण करता हो, रक्षा करने वाला व्यक्ति।
कुछ जगहों पर त्राता की जगह दाता प्रयोग में लाया गया है।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे।

प्रेम के सिन्धु, दीन के बन्धु,
दु:ख दारिद्र विनाशन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।

नित्य अखंड अनंन्त अनादि,
पूरण ब्रह्म सनातन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।

जग आश्रय जग-पति जग-वन्दन,
अनुपम अलख निरंजन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।

प्राण सखा त्रिभुवन प्रति-पालक,
जीवन के अवलंबन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।

हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।
हे सुख शांति निकेतन हे,
हे सुख शांति निकेतन हे ।

He Jag Trata Vishwa Vidhata in English

Hey Jag Trata Vishwa Vidhata, Hey Sukh Shanti Niketan He। Prem Ke Sindhu Deen Ke Bandho...
यह भी जानें

Bhajan Arya Samaj BhajanVed BhajanVedic BhajanHawan BhajanYagya BhajanMotivational BhajanMorning BhajanDainik BhajanDaily BhajanPrarthana BhajanVandana BhajanJain BhajanJainism BhajanSchool BhajanCollage BhajanGurukul BhajanInspirational BhajanShanti Dham Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

नमो नमोः श्री बापूसा

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है, बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है, कलयुग के देव करते चमत्कार है, चारो ओर हो रही इनकी जयकार है...

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं: भजन

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं । पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं ॥...

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है: भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल..

तुलसा कर आई चारों धाम

तुलसा कर आई चारों धाम, जाने कहां लेगी विश्राम । पहला विश्राम वाने हरिद्वार में पायो..

राधा का चितचोर कन्हैया - भजन

राधा का चितचोर कन्हैया, दाऊजी का नटखट भैया, कुञ्ज गलिन का रास रचैया, भा गया हमें भा गया, भा गया हमें भा गया ॥

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में - भजन

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ॥

नित नयो लागे साँवरो - भजन

नित नयो लागे साँवरो, इकि लेवा नज़र उतार, नजर ना लग जावै, एकी लेवा नज़र उतार..

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP