विवाह पंचमी | आज का भजन!

भजन: माँ शारदे वंदना, हे शारदे माँ। (Bhajan Maa Sharade Vandana)


हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ।
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ।

तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे,
हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे,
हम हैं अकेले, हम हैं अधूरे,
तेरी शरण मे, हमें प्यार दे माँ।

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ।

मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी,
वेदों की भाषा, पुराणों की बानी,
हम भी तो समझें, हम भी तो जानें,
विद्या का हमको, अधिकार दे माँ।

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ।

तु श्वेतवर्णी, कमल पे बिराजे,
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे,
मन से हमारे, मिटा दे अंधेरे,
हमको उजालों का, संसार दे माँ।

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमें तार दे माँ।

VandanaMaa Saraswati VandanaNavratri VandanaBy BhaktiBharat


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