Shri Ram Bhajan

भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं: भजन (Bhole Ke Kawadiya Masat Bade Matwale Hain)


भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं: भजन
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥
चली कांवड़ियों की टोली,
सब भोले के हमजोली,
गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं ।
भोले के कांवड़िया,
मस्त बड़े मत वाले हैं ॥

सब अलग अलग शहरों से चलकर आते हैं,
कंधे पे उठा के कावड़ दौड़े जाते हैं ।
है कठिन डगर पर ये ना,
रुकने वाले हैं ॥
॥ भोले के कावड़िया...॥

कोई भांग धतूरा बेल की पत्रि लाए हैं,
कोई दूध दही मलमल के तिलक लगाए हैं ।
यह सब मस्तानी शिव के,
चाहने वाले हैं ॥
॥ भोले के कावड़िया...॥

‘नोधी’ जिद्द छोड़ो कावड़ आप उठा भी लो,
संघ ‘लव’ के शिव भोले की महिमा गा भी लो ।
‘सनी’ ‘दीपक’ भी साथ ही जाने वाले हैं ॥
॥ भोले के कावड़िया...॥

Bhole Ke Kawadiya Masat Bade Matwale Hain in English

Om Namah Shivay, Om Namah Shivay॥ Chali Kawadiyon Ki Toli...
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanMahadev BhajanKawadiya BhajanKanwar BhajanSavan BhajanShravan Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार - भजन

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥

ओम अनेक बार बोल: भजन

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।...

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले...

भवसागर तारण कारण हे - प्रार्थना

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर भीत मने..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.., रोवे अकेली मीरा..आ.., आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. - विधि देशवाल

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे..

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं। तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे, आंखों से आंसू छलक रहे हैं..

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP