close this ads

प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला!


प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला,
तेरे नाम की मैं जपूं रोज माला।
अब तो मनोकामना है यह मेरी,
जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला॥
॥ प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला...॥

कहीं और क्यूँ ढूँढने तुझ को जाऊं,
प्रभु मन के भीतर ही मैं तुझ को पाऊं।
यह मन का शिवाला हो सब से निराला,
जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला॥
॥ प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला...॥

भक्ति पे है अपनी विशवास मुझ को,
बनाएगा चरणों का तू दास मुझ को।
मैं तुझ से जुदा अब नहीं रहने वाला,
जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला॥
॥ प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला...॥

तू दर्पण सा उजला मेरे मन को करदे,
तू अपना उजाला मेरे मन में भरदे।
हैं चारो दिशाओं में तेरा उजाला,
जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला॥

प्रभु मेरे मन को बना दे शिवाला,
तेरे नाम की मैं जपूं रोज माला।
अब तो मनोकामना है यह मेरी,
जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला॥

Read Also:
» कब, कैसे, कहाँ मनाएँ शिवरात्रि? | सावन के सोमवार | द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग!
» दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध शिव मंदिर
» आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ | चालीसा: श्री शिव जी | भजन: शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
» दिल्ली और आस-पास के मंदिरों मे शिवरात्रि की धूम-धाम

BhajanShiv BhajanBholenath BhajanMahadev Bhajan


If you love this article please like, share or comment!

* If you are feeling any data correction, please share your views on our contact us page.
** Please write your any type of feedback or suggestion(s) on our contact us page. Whatever you think, (+) or (-) doesn't metter!

भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

भजन: मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की। जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥

भजन: चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।

ऐसा प्यार बहा दे मैया...

ऐसा प्यार बहा दे मैया, चरणों से लग जाऊ मैं। सब अंधकार मिटा दे मैया...

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ!

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ, जय बोलो जय माता दी, जो भी दर पे आए, जय हो...

वो है जग से बेमिसाल सखी..

वो है जग से बेमिसाल सखी, माँ शेरोवाली कमाल सखी, की री तुझे क्या बतलाऊं...

बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥

मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए। बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ...

मन की मुरादें, पूरी कर माँ, दर्शन करने को मैं तो आउंगी। तेरा दीदार होगा, मेरा उधार होगा...

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी। ज्योत जगा के, सर को झुका के...

मेरी अखियों के सामने ही रहना, माँ जगदम्बे।

मेरी अखियों के सामने ही रहना, माँ शेरों वाली जगदम्बे।

^
top