janmashtami 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जय अम्बे गौरी - आरती (Jai Ambe Gauri)


जय अम्बे गौरी - आरती
नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, शुक्रवार, वट सावित्री व्रत, दुर्गा पूजा, गणगौर तथा करवा चौथ के दिन गाई जाने वाली दुर्गा माँ की प्रसिद्ध आरती। भक्ति भारत आप तक लिरिक्स पहुँचा रहा है। अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण जय अम्बे गौरी माता की आरती पढ़ें।
जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

मांग सिंदूर विराजत,
टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना,
चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला,
कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत,
तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर,
सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,
महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना,
निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे,
सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,
तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा,
अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता ।
सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

भुजा चार अति शोभित,
वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]
मनवांछित फल पावत,
सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

श्री अंबेजी की आरति,
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं | दुर्गा चालीसा | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन
नवरात्रि 2025 की तारीखें
Navratri 2025 Dates
दिन तिथि देवी पूजा / उत्सव रँग
22 सितंबर प्रतिपदा घटस्थापना, माता शैलपुत्री पूजा, अग्रसेन जयंती सफ़ेद
23 सितंबर द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणी पूजा लाल
24 सितंबर तृतीया माँ चंद्रघंटा पूजा, सिन्दूर तृतीया गहरा नीला
25 सितंबर तृतीया - पीला
26 सितंबर चतुर्थी माँ कुष्मांडा पूजा, ललिता पञ्चमी हरा
27 सितंबर पंचमी माँ स्कंद माता पूजा | दुर्गा पूजा (बिल्व निमन्त्रण) स्लेटी
28 सितंबर षष्ठी माँ कात्यायनी पूजा | दुर्गा पूजा (कल्पारम्भ, अकाल बोधन) नारंगी
29 सितंबर सप्तमी माँ कालरात्रि पूजा, सरस्वती आवाहन | दुर्गा पूजा (नवपत्रिका पूजा, कलाबोऊ पूजा) मोर हरा
30 सितंबर अष्टमी माँ महागौरी पूजा, सरस्वती पूजा | दुर्गा पूजा (दुर्गा अष्टमी, कुमारी पूजा, सन्धि पूजा) गुलाबी
1 अक्टूबर नवमी माँ सिद्धिदात्री पूजा, नवमी हवन | दुर्गा पूजा (महा नवमी, दुर्गा बलिदान, नवमी हवन) -
2 अक्टूबर दशमी विजयदशमी, नवरात्रि पारण | दुर्गा पूजा (दुर्गा विसर्जन, सिन्दूर उत्सव) -

Jai Ambe Gauri in English

Find the complete Jai Ambe Gauri lyrics as sung by Anuradha Paudwal. Jai Ambe Gauri Maiya, Jaa Shyama Gauri Nishdin Tumko Dhyaavat, Hari Brahma Shivji॥
यह भी जानें

Aarti Maa Durga AartiMata AartiMaa Ambe AartiNavratri AartiGupt Navratri AartiKarwa Chauth AartiMaa Durga AartiJagran AartiMata Ki Chauki AartiShukravar AartiFriday AartiGauri Mata Aarti

अन्य प्रसिद्ध जय अम्बे गौरी - आरती वीडियो

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती ›

आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥

हनुमान आरती

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जय अम्बे गौरी - आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण जय अम्बे गौरी माता की आरती पढ़ें।

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गाये भारती...अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण अंबे तू है जगदंबे काली आरती के लरिक्स।

श्री गंगा आरती

ॐ जय गंगे माता श्री जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता॥ हर हर गंगे, जय माँ गंगे...

सन्तोषी माता आरती

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता..

Janmashtami - Janmashtami
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP