Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राम नाम को रटने वाले जरा सामने आओ - भजन (Ram Naam Ko Ratne Wale Jara Samne Aao)


राम नाम को रटने वाले जरा सामने आओ - भजन
Add To Favorites Change Font Size
राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम,
कौन हो तुम क्या नाम है तुम्हारा
इतना तो बतलाओ तुम,
प्रभु राम का दास हूँ माता
चरणों में प्रणाम मेरा,
पवन पुत्र अंजनी का लाला
हनुमान है नाम मेरा ।
राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम ।
कैसे है मेरा प्राण नाथ जी
लेने मुझे कब आएँगे,
धरीज रखो हे माता प्रभु
जल्दी तुम्हे ले जाएंगे,
प्यासी-प्यासी इन अंखियो को
कब आकर दर्श दिखाएंगे,
मार के अभिमानी रावन को
माता तुम्हे छुड़ाएंगे ।
राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम ।

आज्ञा नहीं है मुझे प्रभु की
माता तुम्हें जो ले जाऊं,
व्याकुल मनवा धीर धरे ना
कैसे इसको समझाऊं,
मुझमे शक्ति इतनी माता
मैं बजरंगी कहलाऊँ,
मेरे प्रभु के प्यारे हनुमत
मैं तुम पे वारी जाऊँ ।
राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम ।

राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम,
कौन हो तुम क्या नाम है तुम्हारा
इतना तो बतलाऊ तुम,
प्रभु राम का दास हूँ माता
चरणों में प्रणाम मेरा,
पवन पुत्र अनजानी का लाला
हनुमान है नाम मेरा ।
BhaltiBharat Lyrics
राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम ।
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBajrangbali BhajanBalaji BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Jayanti BhajanLakha Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

बेद की औषद खाइ कछु न करै: माँ गंगा माहात्म्य

माँ गंगा मैया का गरिमामय माहात्म्य॥ बेद की औषद खाइ कछु न करै बहु संजम री सुनि मोसें ।..

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन

करे हाहाकार निःशब्द सदा, ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

चलो मन गंगा जमुना तीर - भजन

चलो मन गंगा जमुना तीर, गंगा जमुना निर्मल पानी, शीतल होत शरीर...

गंगा किनारे चले जाणा - भजन

मिटदि है मूरत, जिन्दी ये वाणी है, गंगा किनारे चले जाणा, मुड़के फिर नहीं आणा..

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है: भजन

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है, गंगा की धार है, महीना ये सावन का है, छाई बहार है ॥

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ - भजन

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, ना मानो तो बहता पानी, जो स्वर्ग ने दी धरती को, में हूँ प्यार की वही निशानी...

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो - भजन

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो , मैया धीरे बहो ॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP