विवाह पंचमी | आज का भजन!

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है!


तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे,
मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे॥

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है,
जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी मिलती है॥

इक अजब सी मस्ती तन मन पे छाती है,
हर इक जुबां तेरे ओ मैया गीत गाती है,
बजते सितारों से मीठी पुकारो से,
गूंजे जहाँ सारा तेरे ऊँचे जयकारो से,
मस्ती मे झूमे तेरा दर चूमे,
तेरे चारो तरफ दुनिया ये घुमे,
ऐसी मस्ती भी भला क्या कहीं मिलती है,
तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है॥

मेरी शेरों वाली माँ तेरी हर बात अच्छी है,
करनी की पूरी है माता मेरी सच्ची है,
सुख-दुख बँटाती है अपना बनाती है,
मुश्किल मे बच्चे को माँ ही काम आती है,
रक्षा करती है भक्त अपने की,
बात सच्ची करती उनके सपनो की,
सारी दुनिया की दौलत यही मिलती है,
तेरे दर बार मे मैया खुशी मिलती है॥

रोता हुआ आये जो हँसता हुआ जाता है,
मन की मुरादो को वो पाता हुआ जाता है,
किस्मत के मारो को रोगी बीमारों को,
करदे भला चंगा मेरी माँ अपने दुलारौ को,
पाप कट जाये चरण छूने से,
महकती है दुनिया माँ धुने से,
फिर तो माँ ऐसी कभी क्या कहीं मिलती है,
तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है॥

यह भी जानें

BhajanMaa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanLakha Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

मेरी भावना: जिसने राग-द्वेष कामादिक - जैन पाठ

मेरी भावना: जैन पाठ - जिसने राग-द्वेष कामादिक, जीते सब जग जान लिया, सब जीवों को मोक्ष मार्ग का निस्पृह हो उपदेश दिया..

भजन: तुम से लागी लगन.. पारस प्यारा

जैन भजन: तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा । निशदिन तुमको जपूँ...

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया...

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

भजन: राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है। भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन...

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा...

राम का सुमिरन किया करो!

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो...

राम सिया राम, सिया राम जय जय राम!

मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सिया-राम सिया राम...

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं। मेरे नयनो के तारे है। सारे जग के रखवाले है...

रामजी की निकली सवारी!

सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला, हाथ धनुष गले में पुष्प माला...

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई!

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई, ये जीवन दो दिन का...

आगामी त्यौहार

top